नर्मदापुरम | त्योहारों में हादसा हुआ तो जवाबदेही सीधे कलेक्टर और एसपी की होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी त्योहारों और मेलों को लेकर प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के इस्तेमाल पर रोक लगाने, पटाखों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को कलेक्टरों, कमिश्नरों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का संदेश  साफ था—त्योहारों की तैयारियों में लापरवाही हुई तो उसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी।


कार्बाइड गन से लेकर अवैध पटाखों तक, निगरानी के निर्देश
कार्बाइड गन और लैम्प से होने वाले हादसों की आशंका को देखते हुए इनके इस्तेमाल पर सख्ती बरतने को कहा गया है। दीपावली पर पटाखों की दुकानों का भौतिक सत्यापन, लाइसेंस की शर्तों का पालन  और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और  महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस और अस्पतालों को भी तैयार रखने के निर्देश हैं।


त्योहार की मिठास में मिलावट घोलने वालों पर शिकंजा
मावा, घी, पनीर और मिठाइयों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने को कहा गया है। अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
बैठक में विभागीय जानकारी के अनुसार, मिलावट के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित और 42 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

असली परीक्षा अब मैदान में
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्योहारों से पहले सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की व्यक्तिगत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इन निर्देशों का असर कितना होगा, इसका पता त्योहारों के दौरान ही चलेगा।
कार्बाइड गन पर रोक, अवैध पटाखों की बिक्री पर नियंत्रण और मिलावटखोरी के  खिलाफ कार्रवाई केवल बैठकों तक सीमित रहती है या बाजार और सड़कों पर भी  दिखाई देती है, यही प्रशासन की असली परीक्षा होगी