इटारसी। संभागीय मुख्यालय होने का ढिंढोरा पीटने वाले नर्मदापुरम जिले में हकीकत ये है कि यहां के कमर्शियल वाहन मालिकों की गाड़ी का फिटनेस सिस्टम ही अनफिट हो चुका है। 

पिछले कई महीनों से जिले में बस, ट्रक, टैक्सी और स्कूल बसों का फिटनेस कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। नतीजा - वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी का सर्टिफिकेट लेने के लिए भोपाल, बैतूल, खंडवा और इंदौर तक 100 किलोमीटर के धक्के खाने पड़ रहे हैं। तेल फूंको, समय बर्बाद करो, जेब कटवाओ और फिर भी काम की कोई गारंटी नहीं।
सिस्टम की लेटलतीफी, मालिकों पर दोहरी मार
वाहन मालिकों का कहना है कि यह सिर्फ फिटनेस का संकट नहीं, सीधा आर्थिक और मानसिक शोषण है। एक तरफ हजारों रुपये का डीजल और दिनभर की मजदूरी खराब, दूसरी तरफ फिटनेस न होने से चालान और गाड़ी खड़ी होने का डर।

सबसे बड़ा सवाल - जब नर्मदापुरम संभागीय मुख्यालय है, तो यहां सेंटर क्यों नहीं? और इतनी बड़ी जनसमस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधि क्यों मौन साधे बैठे हैं? जनता पूछ रही है - वोट के समय हाथ जोड़ने वाले नेता आज कहां गायब हैं?
आरटीओ ने खड़े किए हाथ - बोले, "केंद्र से आदेश आएगा तब होगा"
इस लेटलतीफी से तंग आकर ट्रक ओनर एसोसिएशन ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय के सामने अपना दर्द रखा। जिसके बाद पांडेय अपने साथियों के साथ सीधे आरटीओ कार्यालय पहुंचे।

लेकिन आरटीओ साहब ने भी अपनी लाचारी का रोना रो दिया। दो टूक कह दिया - कमर्शियल फिटनेस सेंटर का आवंटन केंद्र से होना है, आदेश नहीं आया तो हम कुछ नहीं कर सकते। मतलब, सिस्टम का पेंच दिल्ली में फंसा है और खामियाजा नर्मदापुरम का गरीब ट्रक-ऑपरेटर भुगत रहा है।

इस दौरान जिला कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ अध्यक्ष अजय मिश्रा 'टप्पू', कोषाध्यक्ष अतुल तिवारी और युवा उद्योगपति वेदांत पांडेय मौजूद रहे। अजय मिश्रा 'टप्पू' पिछले कई महीनों से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, पर प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
परिवहन मंत्री के गृह जिले में ही परिवहन व्यवस्था ध्वस्त
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश सचिव अधिवक्ता रमेश के. साहू ने सीधे परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को घेरा है। 

साहू ने तीखा हमला बोलते हुए कहा - "जिस मंत्री ने नर्मदापुरम का प्रतिनिधित्व किया हो, उसी के क्षेत्र में यह हाल है तो पूरे प्रदेश का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार ऑनलाइन-ऑनलाइन का ढोल पीट रही है, लेकिन गाड़ी की भौतिक जांच के लिए आज भी मालिक को 100 KM भागना पड़ रहा है। ये कैसा डिजिटल इंडिया है?"

कांग्रेस ने चेतावनी देते हुए मांग की है कि जब तक स्थाई फिटनेस सेंटर शुरू नहीं होता, नर्मदापुरम में तत्काल अस्थाई फिटनेस कैंप लगाकर वाहन मालिकों को राहत दी जाए, वरना आंदोलन होगा।