भोपाल// साल के अंत में होने वाले चुनाव में कांग्रेस लगातार हार रही सीटों पर फोकस कर रही है अब कांग्रेसमें इस तरह की सीटों पर पहले से उम्मीदवार घोषित करने की समय सीमा तय कर दिया बताया जाता है कि पार्टी लगातर हार रही या कम अंतर से हारी सीटों पर 3 महीने पहले ही उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है।
इसकी वजह यह बताई जा रही है कि इससे उम्मीदवारों को जमीनी स्तर पर काम करने और प्रचार-प्रसार का भरपूर समय मिलेगा। साथ ही पार्टी को यह भी लग रहा है कि इस बार टिकट न मिलने पर कुछ नेता बगावत कर सकते हैं, उन्हें बैठाने, दावेदारी वापस लेने व मनाने के लिए भी पार्टी को वक्त मिलेगा।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पहले ही सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टिकट देने की बात करते रहे हैं। बताया जाता है कि दो सर्वे कराए भी जा चुके हैं और कमलनाथ और दिग्विजय सिंह लगातार विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और हारी हुई सीटों की जमीनी हकीकत जानने और कार्यकर्ताओं का फीडबैक लेने में लगे हुए हैं।वही आईसीसी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर भी रिपोर्ट के आधार पर सभी पहलुओं को देखकर पार्टी टिकट का निर्णय करेगी।
आधार पर तैयार होगी ऑब्जर्वर की रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के द्वारा दो सर्वे कराए गए हैं। यह सर्वे रिपोर्ट ऑब्जर्वर को सौंप दी गई है। ऑब्जर्वर ऐसे 70 विधानसभा क्षेत्रों की मैदानी स्थिति को देखेंगे । साथ ही सर्वे में जिनके नाम आए हैं उनकी स्थिति जमीनी तौर पर कैसी है? जीत सकते हैं कि नहीं ? जिनके नाम आए हैं उनसे भी चर्चा की जाएगी । इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ता वरिष्ठ नेता और मतदाताओं का रुझान भी लिया जाएगा। ऑब्जर्वर एक विधानसभा में 1 दिन बिताएंगे।
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