नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हल्ला -बोल कर घिरती दिख रही काँग्रेस अब सड़क की लड़ाई से कदम पीछे खींचती  दिख रही है एक नबम्बर  को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली से ठीक पहले कांग्रेस के नियमित विरोध-प्रदर्शनों पर विराम लगाने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान को फीडबैक मिला है कि रोज-रोज के प्रदर्शन से मुद्दा बिखर रहा है और चुनाव आयोग से सीधे टकराव का मैसेज गलत जा रहा है। इसलिए अब स्क्रिप्ट बदली गई है।

नई स्क्रिप्ट का नाम है - *'वोट बचाओ, देश बचाओ - गांव चलो'*। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक कांग्रेस सड़कों पर नहीं, गांवों की चौपाल पर दिखेगी। बूथ स्तर पर मतदाता सूची से नाम कटने का मुद्दा उठाया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर पदयात्राएं होंगी।

यानी दिल्ली में शोर कम, गांव में शोर ज्यादा।

फ्रंट पर युवा, बैक पर संगठन: दिलचस्प यह है कि कांग्रेस के मुख्य संगठन ने भले ब्रेक ले लिया हो, यूथ कांग्रेस और NSUI का हंगामा जारी रहेगा। ताकि विरोध की आग भी जलती रहे और पार्टी का दामन भी न जले। संगठन में दूसरी तरफ सचिव पद के इंटरव्यू और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तेज कर दी गई है। साफ है, कांग्रेस अब आंदोलन से ज्यादा संगठन को दुरुस्त करने पर दांव लगा रही है।