भोपाल/इटारसी। प्रदेश में नगरीय निकायों के उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव स्थगित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संभावित जनादेश के डर से चुनाव कराने से पीछे हट रही है।
पटवारी ने सवाल उठाया कि जब चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया था, तब बारिश, त्योहार, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बलों की उपलब्धता जैसी परिस्थितियों की जानकारी क्या नहीं थी? उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने जनसमर्थन पर भरोसा है तो उसे चुनाव से पीछे नहीं हटना चाहिए।
इटारसी में वार्ड 30 का मामला भी गरमाया
इटारसी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 30 का उपचुनाव भी इसी स्थगन की जद में आया है। कांग्रेस पार्षद स्व. धर्मदास मिहानी के निधन के बाद करीब आठ माह से वार्ड प्रतिनिधि विहीन है। चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए जाने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।
कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता रमेश के. साहू ने कहा कि एक वार्ड का चुनाव कराने में भी प्रशासन असमर्थ है तो उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बारिश, त्योहार और कानून-व्यवस्था की परिस्थितियां अचानक सामने नहीं आई थीं, फिर चुनाव कार्यक्रम जारी करने से पहले इनका आकलन क्यों नहीं किया गया?
नई तारीख नहीं तो हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
साहू ने कहा कि वार्ड 30 के मतदाताओं को लंबे समय तक प्रतिनिधित्व से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से जल्द नई चुनाव तारीख घोषित करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव की तारीख शीघ्र घोषित नहीं की गई तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी। याचिका में चुनाव समयबद्ध तरीके से कराने के साथ आठ माह की देरी के कारणों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की जाएगी।
सवाल अब सिर्फ चुनाव का नहीं, भरोसे का भी
प्रदेश से लेकर इटारसी तक कांग्रेस के आरोपों ने उपचुनाव स्थगित होने को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। सरकार जहां प्रशासनिक परिस्थितियों को चुनाव टालने का आधार बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनादेश से बचने की कोशिश बता रही है।
इटारसी के वार्ड 30 में मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां मतदाता करीब आठ माह से अपने निर्वाचित प्रतिनिधि के बिना हैं। अब देखना यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग नई तारीख कब घोषित करता है और क्या चुनाव को लेकर उठ रहे राजनीतिक एवं कानूनी सवालों का जवाब सामने आता है।

ज्ञात हो कि  दो दिन पहले  प्रदेश में बाढ़, कानून व्यवस्था और अन्य कारणों के चलते 29 सितंबर को होने वाले नगरीय निकाय चुनाव व उपचुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव कराने में असमर्थता जताई थी।
 इन शहरों के वार्डों में टले उपचुनाव

स्थानीय निकायों के उपचुनाव में इंदौर नगर निगम के वार्ड 58 और 60, ग्वालियर के वार्ड 5, सागर के वार्ड 11, कटनी के वार्ड 41 और खंडवा के वार्ड 34 समेत कई जगह मतदान होना था। दमोह, इटारसी, मुलताई, दतिया, कोतमा, आष्टा और विदिशा में भी खाली पार्षद पदों पर उपचुनाव होना था। इसके अलावा फूफ, चाकघाट, लोहारदा, कोटर, जैतवारा, सिलवानी, बड़ौदा, बरघाट, कसरावद, पिपलिया मंडी, निवाली बुजुर्ग और कुक्षी नगर परिषदों के संबंधित वार्डों में भी उपचुनाव प्रस्तावित थे।