भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में ‘सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026’ आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधे संवाद करेंगे।
सरकार के लिए यह आयोजन महज रोजगार और कौशल विकास का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा वर्ग के बीच अपनी नीतियों और भविष्य की योजनाओं का संदेश पहुंचाने का बड़ा मंच भी माना जा रहा है। खास तौर पर कांग्रेस के छात्र-युवा संवाद के बाद सरकार का यह आयोजन राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण हो गया है।
रोजगार के सवाल के बीच सरकार का बड़ा मंच
कॉन्क्लेव में रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और अनुसंधान को प्रमुखता दी गई है। यानी सरकार का फोकस सिर्फ नौकरी देने पर नहीं, बल्कि युवाओं को नौकरी खोजने वाले से रोजगार देने वाला बनाने के संदेश पर रहेगा।
17 सरकारी विभाग और विभिन्न संस्थाएं युवाओं को अपनी योजनाओं और अवसरों की जानकारी देंगी। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, एमएसएमई, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा जैसे विभाग इसमें शामिल होंगे।
80 स्टॉल में दिखेगा ‘नए रोजगार’ का मॉडल
कार्यक्रम स्थल पर 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। इनमें सरकारी योजनाओं के साथ विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप और नवोदित उद्यमों की गतिविधियां प्रदर्शित होंगी।
खास बात यह होगी कि युवाओं के सामने AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसी नई तकनीकों में करियर और रोजगार की संभावनाएं रखी जाएंगी।
स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप के जरिए युवाओं को यह भी बताया जाएगा कि किसी नए आइडिया को उत्पाद और फिर कारोबार में कैसे बदला जा सकता है।
जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे भी मंच पर
सरकार ने युवाओं को जोड़ने के लिए कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का भी लगाया है। सुप्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई का कबीर कैफे प्रस्तुति देगा। यानी रोजगार और करियर के संदेश के साथ संगीत और मनोरंजन के जरिए भी युवाओं को जोड़ने की कोशिश होगी।
कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद सरकार का जवाब?
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में सरकार का 20 हजार युवाओं के साथ सीधा संवाद कई सवाल भी खड़े करता है।
क्या यह महज युवा नीति का आयोजन है या कांग्रेस के बढ़ते युवा संवाद का राजनीतिक जवाब?
सरकार के इस मंच पर रोजगार, कौशल और स्टार्टअप की बातें होंगी, लेकिन युवाओं की असली दिलचस्पी इस बात में होगी कि घोषणाओं से आगे उन्हें जमीन पर कितने अवसर मिलते हैं।
यही वजह है कि 6 अक्टूबर का यह कॉन्क्लेव सरकारी आयोजन से ज्यादा युवा वोटरों और प्रदेश की नई पीढ़ी के बीच राजनीतिक संदेश की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।