लालू गौर बोले—रावण की प्रवृत्ति को पहचानना होगा; विवेक सागर से एस्ट्रोटर्फ के लिए प्रयास करने की अपील
इटारसी। जिस गांधी मैदान ने शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी दिए, आज उसी मैदान पर खेल सुविधाओं का अभाव है। मैदान की बदहाली और खिलाड़ियों की मुश्किलों के बीच एक ओर रावण लीला का आयोजन हो रहा है, तो दूसरी ओर उभरती खेल प्रतिभाएं कंकड़-पत्थरों के बीच अभ्यास करने को मजबूर हैं। गुरुवार को जिला हॉकी संघ नर्मदापुरम के प्रतिभा सम्मान समारोह में शहर के खेल मैदान की दुर्दशा पर वक्ताओं का दर्द फूट पड़ा। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बाबू चौधरी और वरिष्ठ भाजपा नेता यज्ञदत्त गौर ने जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस नेता अशोक जैन ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद से इटारसी में एस्ट्रोटर्फ मैदान लाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान, खेल सुविधाओं पर सवाल
ईश्वर रेस्टोरेंट में आयोजित समारोह में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे इटारसी के गौरव विवेक सागर प्रसाद, इंटर-डिपार्टमेंट इंटरनेशनल हॉकी में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले सुंदररम राजावत और खेल के माध्यम से शासकीय सेवा में पहुंचे जैद खान सहित उपलब्धियां हासिल करने वाली नन्ही प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।
समारोह में हॉकी संघ के पदाधिकारियों, संरक्षकों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ  खिलाड़ियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को इटारसी की हॉकी परंपरा और खेल  संस्कृति का सम्मान बताया। हालांकि, सम्मान के इस मंच से शहर के एकमात्र प्रमुख खेल मैदान की बदहाली और खेल सुविधाओं की कमी को लेकर भी तीखे सवाल उठे।
बाबू चौधरी बोले—जिन्हें सुविधाएं देनी चाहिए, वे जिम्मेदारी नहीं निभा रहे
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बाबू चौधरी ने कहा कि इटारसी के जिन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से शहर का नाम रोशन किया है, वे उसी मैदान से निकले हैं, जहां कुछ दिनों बाद रामलीला का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिन लोगों की है, वे उसका निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
चौधरी ने धार्मिक आयोजनों पर सवाल उठाने के बजाय जनप्रतिनिधियों को उनकी मूल जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर आयोजन करना अच्छी बात है,  लेकिन जनप्रतिनिधियों को भगवान बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यज्ञदत्त गौर बोले—गांधी मैदान में हो रही रावण लीला
पूर्व पार्षद और भाजपा नेता यज्ञदत्त गौर ने मैदान की बदहाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इन दिनों शहर के गांधी मैदान में रावण लीला हो रही है, जबकि बच्चे उसी  बदहाल मैदान में खेलते हुए कंकड़ बीन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें उस रावण की प्रवृत्ति को पहचानना होगा और उसे रोकने का  प्रयास करना होगा। गौर के इस बयान को मैदान की दुर्दशा और खिलाड़ियों के प्रति व्यवस्था की उदासीनता पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया।
विवेक सागर से एस्ट्रोटर्फ के लिए पहल करने की अपील
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक जैन ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद से आग्रह किया कि वे अपनी लोकप्रियता और पहचान का उपयोग इटारसी में एस्ट्रोटर्फ मैदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करें। उन्होंने कहा कि शहर में आधुनिक हॉकी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य प्राथमिकता में रहना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
समारोह में एससी लाल, राजेंद्र सिंह ठाकुर, पत्रकार सुधांशु मिश्र, पूर्व नगरपालिका  उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, नीलेश मालोनिया, अर्जुन भोला और अधिवक्ता संतोष  गुरयानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही, नवोदित खिलाड़ियों से इनसे प्रेरणा लेकर शहर का नाम रोशन करने का  आह्वान किया।
खिलाड़ियों ने जताया आभार
सम्मानित तीनों हॉकी खिलाड़ियों ने जिला हॉकी संघ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा से शहर का गौरव बढ़ाने का प्रयास जारी रखेंगे। समारोह में उम्मीद जताई गई कि आने वाले समय में इटारसी से और भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आएंगे।
कार्यक्रम का संचालन बाबू अग्रवाल ने किया, जबकि आभार संघ के सचिव ने व्यक्त किया।
हॉकी संघों का विवाद भी मैदान की बदहाली की वजह?
इटारसी के गांधी मैदान की बदहाली के पीछे खेल सुविधाओं की कमी के साथ हॉकी  संघों के बीच चल रहा विवाद भी चर्चा में रहा। पिछले करीब एक वर्ष से नर्मदापुरम जिले में हॉकी संघों को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने इटारसी नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे को पदेन अध्यक्ष और हरप्रीत छाबड़ा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाते हुए अपने संघ को अधिकृत बताया था। इसी दौरान गांधी स्टेडियम स्थित कार्यालय पर भी उसके नियंत्रण की बात सामने आई थी।
दूसरे हॉकी संघ की वैधता को लेकर उठे सवालों और दोनों पक्षों के बीच विवाद के  बीच मैदान की देखरेख तथा खेल सुविधाओं को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। खेल विभाग और नगरपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इटारसी का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान के बीच उठे सवाल शहर के खेल भविष्य से जुड़े हैं। एक ओर यहां से निकले खिलाड़ी देश के लिए पदक जीत रहे हैं, वहीं दूसरी ओर  स्थानीय मैदान पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव नई प्रतिभाओं के सामने चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह है कि सम्मान समारोह में उठी आवाजें मैदान की दशा बदलने और  खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने में कितनी कारगर साबित होती हैं।