मोदी चालीसा पढ़ने वाले किन्नर कल्याण बोर्ड का विघटन, पटना में मंदिर की मांग तेज

पटना: बिहार में किन्नर कल्याण बोर्ड का अचानक विघटन हो गया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह बोर्ड मोदी चालीसा पढ़ने के लिए जाना जाता था, और इसके विघटन के बाद पटना में किन्नर समुदाय द्वारा एक मंदिर की मांग जोर पकड़ रही है।

विघटन की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और किन्नर समुदाय की नाराजगी को बढ़ा दिया है। समुदाय का कहना है कि सरकार ने उनके हितों की अनदेखी की है और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

  • बोर्ड का विघटन: किन्नर कल्याण बोर्ड की स्थापना का उद्देश्य किन्नर समुदाय के विकास और कल्याण के लिए कार्य करना था, लेकिन इसके विघटन ने उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
  • मंदिर की मांग: किन्नर समुदाय ने पटना में अपने लिए एक मंदिर की मांग की है, जो उनके धार्मिक और सामाजिक अधिकारों का प्रतीक होगा।

समुदाय के नेताओं का कहना है कि वे इस मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे और जल्द ही इसके लिए एक आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

इस घटनाक्रम ने राज्य में किन्नर समुदाय के अधिकारों और उनकी सामाजिक स्थिति पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है, और यह देखना होगा कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।