नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में नया टीवी, फ्रिज, एसी या वॉशिंग मशीन खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। 1 अक्टूबर से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज महंगे होने जा रहे हैं। इंडस्ट्री से मिली जानकारी के मुताबिक अलग-अलग ब्रांड और मॉडल पर 3% से 8% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

यह साल 2026 में इंडस्ट्री की तीसरी बड़ी प्राइस हाइक होगी।
कितना बढ़ेगा दाम?

• AC: 5-8% तक महंगा होगा, सबसे ज्यादा असर इसी पर

• TV, फ्रिज, वॉशिंग मशीन: 3-4% तक बढ़ोतरी की संभावना

• सालभर में कुछ मॉडलों के दाम 20% से ज्यादा बढ़ चुके हैं 
जनवरी में पहली बार कंपनियों ने 3-5% और सितंबर में दूसरी बार 4-10% तक दाम बढ़ाए थे। अब अक्टूबर में तीसरी बढ़ोतरी होने जा रही है।
किन कंपनियों ने की पुष्टि?
ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स समेत कई कंपनियों ने कीमत बढ़ाने की पुष्टि की है। LG और Hitachi-ब्रांड वाले Bosch Home Comfort ने भी AC की कीमतों में करीब 5% वृद्धि की है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? वजह सिर्फ धातु नहीं
इस बार कीमत बढ़ने की वजह सिर्फ कॉपर, एल्युमीनियम और स्टील का महंगा होना नहीं है।

कंपनियों का कहना है कि लागत कई मोर्चों पर बढ़ी है:
1. क्रूड ऑयल में तेजी: प्लास्टिक बॉडी, पैकेजिंग, सिंथेटिक रबर, फोम जैसे कई कंपोनेंट पेट्रोकेमिकल से बनते हैं, जो कच्चे तेल से जुड़े हैं।

2. लॉजिस्टिक्स कॉस्ट: समुद्री ढुलाई (Sea Freight) और बीमा लागत महंगी हुई है।

3. रुपये में उतार-चढ़ाव: आयातित कंपोनेंट की लैंडेड कॉस्ट बढ़ गई है। 
RBI के एक शोध के मुताबिक, वैश्विक क्रूड कीमत में 10% की बढ़ोतरी भारत की हेडलाइन महंगाई को करीब 0.20 प्रतिशत अंक बढ़ा सकती है।
AC पर सबसे ज्यादा असर क्यों?
AC बनाने में कॉपर सबसे अहम है, जो कॉइल, पाइप और हीट-एक्सचेंज में लगता है। पिछले साल 8-9 हजार डॉलर प्रति टन वाला कॉपर अब 14,500 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया है।

लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) के 25 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार:
* कॉपर कैश प्राइस: करीब 14,733 डॉलर प्रति टन • एल्युमीनियम: करीब 3,240 डॉलर प्रति टन 
एक कंपनी ने बताया है कि 1 अक्टूबर से 5% बढ़ोतरी के बाद जनवरी तक कई चरणों में कुल 15% तक दाम बढ़ सकते हैं।
दिवाली तक राहत की उम्मीद
अक्टूबर में हर ग्राहक को तुरंत बढ़ी कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी। कंपनियों और डीलरों ने अगस्त-सितंबर में पुरानी कीमतों पर ही काफी स्टॉक कर लिया था। सप्लाई पाइपलाइन में अभी 1 से 1.5 महीने का पुराना स्टॉक मौजूद है।इसलिए दिवाली तक कई मॉडल पुराने दाम, डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर्स के साथ मिल सकते हैं। नई कीमतों का पूरा असर त्योहारों के बाद दिखेगा।